ICAR (Indian Council of Agricultural Research) भारत में कृषि अनुसंधान और शिक्षा को समन्वयित करने वाली एक शीर्ष स्वायत्त संस्था है। यह भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) के तहत कार्य करती है। ICAR को 16 जुलाई 1929 को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत स्थापित किया गया था, जिसे पहले इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम से जाना जाता था। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में कृषि भवन में स्थित है। यह विश्व का सबसे बड़ा कृषि अनुसंधान और शिक्षा नेटवर्क है, जिसमें 113 संस्थान और 74 कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इस लेख में हम ICAR के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिसमें इसका पूर्ण रूप, उद्देश्य, कार्य, प्रमुख उपलब्धियाँ, और प्रवेश प्रक्रिया शामिल हैं। यह SEO-अनुकूलित लेख उन लोगों के लिए उपयोगी है जो ICAR के बारे में जानकारी चाहते हैं, जैसे छात्र, किसान, और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग।
ICAR का फुल फॉर्म
ICAR का पूर्ण रूप है: Indian Council of Agricultural Research (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद)।
ICAR क्या है?
ICAR भारत में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशु विज्ञान, और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान, शिक्षा, और तकनीकी प्रसार को बढ़ावा देने वाली एक स्वायत्त संस्था है। यह कृषि मंत्री के नेतृत्व में कार्य करती है, जो इसके अध्यक्ष होते हैं। वर्तमान में नरेंद्र सिंह तोमर ICAR के अध्यक्ष हैं। इसका मुख्य कार्य कृषि क्षेत्र में नवाचार, शिक्षा की गुणवत्ता, और किसानों के लिए तकनीकी समाधान प्रदान करना है।
ICAR के प्रमुख उद्देश्य
ICAR का मुख्य उद्देश्य भारत में कृषि क्षेत्र को मजबूत करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
अनुसंधान और नवाचार: कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, और पशुपालन में उन्नत तकनीकों का विकास।
शिक्षा और प्रशिक्षण: उच्च गुणवत्ता वाली कृषि शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना।
तकनीकी प्रसार: किसानों तक नई तकनीकों और अनुसंधान को पहुँचाना।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा: फसलों, दूध, मछली, और अंडों के उत्पादन को बढ़ाकर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना।
ग्रामीण विकास: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सहकारी कार्यक्रम।
ICAR के प्रमुख कार्य
ICAR के कार्य निम्नलिखित क्षेत्रों में फैले हुए हैं:
कृषि अनुसंधान: नई फसल किस्मों, कीट प्रबंधन, और जैविक खेती पर शोध।
शिक्षा मान्यता: राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को मान्यता प्रदान करना।
प्रवेश परीक्षा: CUET (ICAR-UG) और AIEEA (PG/PhD) के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर, और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश।
किसान नवाचार कोष: प्रगतिशील किसानों की नवाचारों को मान्यता और प्रोत्साहन।
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK): किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
प्रकाशन और सूचना: कृषि से संबंधित शोध पत्र और पत्रिकाएँ प्रकाशित करना, जैसे Indian Journal of Agricultural Sciences।
ICAR की प्रमुख उपलब्धियाँ
ICAR ने भारत में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ हैं:
हरित क्रांति: 1970 के दशक में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के माध्यम से हरित क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका, जिसने खाद्यान्न उत्पादन को 6.21 गुना बढ़ाया।
उत्पादन वृद्धि: 1950-51 से 2021-22 तक:
खाद्यान्न उत्पादन 6.21 गुना।
बागवानी फसलें 11.53 गुना।
मछली उत्पादन 21.61 गुना।
दूध उत्पादन 13.01 गुना।
अंडा उत्पादन 70.74 गुना।
वैक्सीन विकास: 2006 में भोपाल में H5N1 बर्ड फ्लू के लिए वैक्सीन विकसित की।
जीनोम अनुक्रमण: 2011 में ICAR वैज्ञानिकों ने विश्व में पहली बार कबूतर मटर (पigeonpea) का जीनोम अनुक्रमण किया।
किसान सरथी ऐप: 2021 में 93वें स्थापना दिवस पर किसान सरथी ऐप लॉन्च किया गया।
जैविक खेती: 51 एकीकृत खेती प्रणालियों और 45 जैविक खेती मॉडल विकसित किए।
ICAR से संबद्ध प्रमुख संस्थान
ICAR के अंतर्गत कई प्रमुख संस्थान और विश्वविद्यालय कार्य करते हैं, जिनमें शामिल हैं:
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा, नई दिल्ली: हरित क्रांति का जन्मस्थान।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल।
केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (CIFE), मुंबई।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर।
कृषि विश्वविद्यालय: 74 विश्वविद्यालय, जिनमें 63 राज्य कृषि विश्वविद्यालय और 4 ICAR डीम्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं।
ICAR कृषि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के साथ मिलकर CUET (ICAR-UG) और AIEEA (PG/PhD) परीक्षाएँ आयोजित करता है:
CUET (ICAR-UG): स्नातक कार्यक्रमों (बीएससी कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन) में प्रवेश के लिए।
AIEEA (PG): मास्टर डिग्री के लिए 30% सीटें और ICAR-DUs में 100% सीटें।
AICE-JRF/SRF (PhD): पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश और फेलोशिप।
राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति (NTS): मेधावी छात्रों को प्रदान की जाती है।
प्रवेश शेड्यूल (2025-26):
UG पंजीकरण: 19 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 तक।
PG/PhD मॉप-अप राउंड: 15 फरवरी 2025 से 19 फरवरी 2025 तक।
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK): किसानों के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता।
ARYA (Attracting and Retaining Youth in Agriculture): युवाओं को कृषि में आकर्षित करने का कार्यक्रम।
नैनो उर्वरक और कीटनाशक: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए।
किसान नवाचार कोष: किसानों के नवाचारों को मान्यता और समर्थन।
विश्व नारियल दिवस 2025: ICAR-CPCRI, कासरगोड में आयोजित।
ICAR का महत्व
ICAR ने भारत में हरित क्रांति और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसने न केवल उत्पादन बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा। यह कृषि स्टार्टअप्स, जैविक खेती, और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देता है।